Shree Kuber Chalisa Lyrics – Satyendra Pathak

Shree Kuber Chalisa Lyrics: Shree Kuber Chalisa is Hindi Bhajan sung by Satyendra Pathak. Shree Kuber Chalisa Lyrics are Traditional.

Shree Kuber Chalisa Song Lyrics Credits

Song: Shree Kuber Chalisa
Singer: Satyendra Pathak
Music: Kailash Shrivashtav
Lyrics: Traditional
Label: Spiritual Activity
Genre: Bhajan Lyrics


Pathak Shree Kuber Chalisa

Shree Kuber Chalisa Satyendra Pathak

Shree Kuber Chalisa Lyrics in Hindi

॥ दोहा ॥

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै,
अविचल खड़े कुबेर ॥
विघ्न हरण मंगल करण,
सुनो शरणागत की टेर ।
भक्त हेतु वितरण करो,
धन माया के ढ़ेर ॥

॥ चौपाई ॥

जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी ।
धन माया के तुम अधिकारी ॥

तप तेज पुंज निर्भय भय हारी ।
पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥

स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी ।
सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥

यक्ष यक्षणी की है सेना भारी ।
सेनापति बने युद्ध में धनुधारी ॥

महा योद्धा बन शस्त्र धारैं ।
युद्ध करैं शत्रु को मारैं ॥

सदा विजयी कभी ना हारैं ।
भगत जनों के संकट टारैं ॥

प्रपितामह हैं स्वयं विधाता ।
पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता ॥

विश्रवा पिता इडविडा जी माता ।
विभीषण भगत आपके भ्राता ॥

शिव चरणों में जब ध्यान लगाया ।
घोर तपस्या करी तन को सुखाया ॥

शिव वरदान मिले देवत्य पाया ।
अमृत पान करी अमर हुई काया ॥

धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में ।
देवी देवता सब फिरैं साथ में ॥

पीताम्बर वस्त्र पहने गात में ।
बल शक्ति पूरी यक्ष जात में ॥

स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं ।
त्रिशूल गदा हाथ में साजैं ॥

शंख मृदंग नगारे बाजैं ।
गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं ॥

चौंसठ योगनी मंगल गावैं ।
ऋद्धि सिद्धि नित भोग लगावैं ॥

दास दासनी सिर छत्र फिरावैं ।
यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं ॥

ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं ।
देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं ॥

पुरुषोंमें जैसे भीम बली हैं ।
यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं ॥

भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं ।
पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं ॥

नागों में जैसे शेष बड़े हैं ।
वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं ॥

कांधे धनुष हाथ में भाला ।
गले फूलों की पहनी माला ॥

स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला ।
दूर दूर तक होए उजाला ॥

कुबेर देव को जो मन में धारे ।
सदा विजय हो कभी न हारे ॥

बिगड़े काम बन जाएं सारे ।
अन्न धन के रहें भरे भण्डारे ॥

कुबेर गरीब को आप उभारैं ।
कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं ॥

कुबेर भगत के संकट टारैं ।
कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं ॥

शीघ्र धनी जो होना चाहे ।
क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं ॥

यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं ।
दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं ॥

भूत प्रेत को कुबेर भगावैं ।
अड़े काम को कुबेर बनावैं ॥

रोग शोक को कुबेर नशावैं ।
कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं ॥

कुबेर चढ़े को और चढ़ादे ।
कुबेर गिरे को पुन: उठा दे ॥

कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे ।
कुबेर भूले को राह बता दे ॥

प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे ।
भूखे की भूख कुबेर मिटा दे ॥

रोगी का रोग कुबेर घटा दे ।
दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे ॥

बांझ की गोद कुबेर भरा दे ।
कारोबार को कुबेर बढ़ा दे ॥

कारागार से कुबेर छुड़ा दे ।
चोर ठगों से कुबेर बचा दे ॥

कोर्ट केस में कुबेर जितावै ।
जो कुबेर को मन में ध्यावै ॥

चुनाव में जीत कुबेर करावैं ।
मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं ॥

पाठ करे जो नित मन लाई ।
उसकी कला हो सदा सवाई ॥

जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई ।
उसका जीवन चले सुखदाई ॥

जो कुबेर का पाठ करावै ।
उसका बेड़ा पार लगावै ॥

उजड़े घर को पुन: बसावै ।
शत्रु को भी मित्र बनावै ॥

सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई ।
सब सुख भोद पदार्थ पाई ॥

प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई ।
मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई ॥

॥ दोहा ॥

शिव भक्तों में अग्रणी,
श्री यक्षराज कुबेर ।
हृदय में ज्ञान प्रकाश भर,
कर दो दूर अंधेर ॥

कर दो दूर अंधेर अब,
जरा करो ना देर ।
शरण पड़ा हूं आपकी,
दया की दृष्टि फेर ॥

नित्त नेम कर प्रातः ही,
पाठ करौं चालीसा ।
तुम मेरी मनोकामना,
पूर्ण करो जगदीश ॥

मगसर छठि हेमन्त ॠतु,
संवत चौसठ जान ।
अस्तुति चालीसा शिवहि,
पूर्ण कीन कल्याण ॥


Shree Kuber Chalisa Lyrics Satyendra Pathak
Shree Kuber Chalisa Lyrics Satyendra Pathak

Shree Kuber Chalisa Lyrics in English

॥ Doha ॥

Jaise Atal Himalay Aur Jaise Adig Sumer ।
Aise Hi Swarg Dwar Pai,
Avichal Khade Kuber ॥
Vighn Haran Mangal Karan,
Suno Sharanagat Ki Ter ।
Bhakt Hetu Vitaran Karo,
Dhan Maya Ki Dher ॥

॥ Chaupai ॥

Jai Jai Jai Shri Kuber Bhandari ।
Dhan Maya Ke Tum Adhikari ॥

Tap Tej Punj Nirbhay Bhay Hari ।
Pavan Veg Sam Sam Tanu Baladhari ॥

Swarg Dwar Ki Karein Pahare Dari ।
Sevak Indra Dev Ke Agyakari ॥

Yaksha Yakshani Ki Hai Sena Bhari ।
Senapati Bane Yuddh Me Dhanudhari ॥

Maha Yoddha Ban Shastr Dharain ।
Yuddh Karain Shatru Marain ॥

Sada Vijayi Kabhi Na Harain ।
Bhagat Jano Ke Sankat Tarain ॥

Prapitamah Hain Swayam Vidhata ।
Pulist Vansh Ke Janm Vikhyata ॥

Vishrava Pita Idavida Ji Mata ।
Vibhishan Bhagat Apake Bhrata ॥

Shiv Charano Me Jab Dhyan Lagaya ।
Ghor Tapasya Kari Tan Sukhaya ॥

Shiv Varadan Mile Devaty Paya ।
Amrit Pan Kari Amar Kaya ॥

Dharm Dhwaja Sada Liye Hath Me ।
Devi Devata Sab Phirain Sath Me ।

Pitambar Vastra Pahane Gath Me ॥
Bal Shakti Poori Yaksha Jat Me ॥

Swarn SInhasan Ap Virajain ।
Trishul Gada Hath Me Sajain ॥

Shankh Mridang Nagare Bajain।
Gandharv Rag Madhur Gajain ॥

Chausath Yogani Mangal Gavain ।
Riddhi Siddhi Nit Bhog Lagavain ॥

Das Dasini Sir Chhatra Phiravain ।
Yaksha Yakshani Mol Chanvar Dhulavain ॥

Rishiyom Me Jaise Parashuram Bali Hain ।
Devanh Me Jaise Hanuman Bali Hain ॥

Purusho Me Jaise Bhim Bali Hain ।
Yaksho Me Aise Hi Kuber Bali Hain ॥

Bhagato Me Jaise Prahlad Bade hain ।
Pakshiyo Me Jaise Garud Bade hain ॥

Nagon Me Jaise Shesh Bade hain ।
Vaise Hi Bhagat Kuber Bade hain ॥

Kandhe Dhanush Hath Me BHala ।
Gale Phoolon Ki Pahani Mala ॥

Swarn Mukut Aru Deh Vishala ।
Door Door Tak Hoye Ujala ॥

Kuber Dec Ko Jo Man Dhare ।
Sada Vijayi Ho Kabhi Na Hare ॥

Bigade Kam Bane Jaye Sare ।
Anna Dhan Ke Eahe Bhare Bhandare ॥

Kuber Garib Ko Ap Ubharain ।
Kuber Karj Ko shighra Utarain ॥

Kuber Bhagat Ke Sankat Tarain ।
Kuber Shatru Ko Kshan Me Marain ॥

Shighr Dhani Jo Hona Chahe ।
Kyun Nahi Yaksha Kuber Manaye ॥

Yah Path JO Padhe Padhaye ।
Din Dugana VYapar Badhaye ॥

Bhoot Prete Ko Kuber Bhagavain ।
Ade Kam Ko Kuber Banavain ॥

Rog Shok Ko Kuber Nashavain ।
Kalank Koodh Ko Kuber Hatavain ॥

Kuber Chadhe Ko Aur Chadha De ।
Kuber Gire Ko Punah Utha De ॥

Kuber Bhagya Ko Turant Jaga De ।
Kuber Bhule Ko Rah Bata De ॥

Pyase Ki Pyas Kuber Bujha De ।
Bhukhe Ki Bhukh Kuber Mita De ॥

Rogi Ka Rog Kuber Ghata De ।
Dukhiya Ka Dukh Kuber Chhuta De ॥

Banjh Ki God Kuber Bhara De ।
Karobar Ko Kuber Badha De ॥

Karagar Se Kuber Chhuda De ।
Chor Thago Se Kuber Bacha De ॥

Kort Kes Me Kuber Jitavai ।
Jo Kuber Ko Man Me Dhyavai ॥

Chunav Me Jit Kuber Karavain ।
Mantri Pad Par Kuber Bithavain ॥

Path Kare Jo Nit Man Lai ।
Uasaki Kala ho Sada Savai ॥

Jisape Prasann Kuber Ki Mai ।
Usaka Jivan Chale Sukhadai ॥

Jo Kuber Ka Path Karavai ।
Usaka Beda Par Lagavai ॥

Ujade Ghar Ko PUnah Basavai।
Shatru Ko Mitra Banavai ॥

Sahastr Pustak Jo Dan karai ।
Sab Sukh Bhog Padarth Pai ॥

Pran Tyag Kar Swarg Me Jai ।
Manas Parivar Kuber Kirti Gai ॥

॥ Doha ॥

Shiv Bhakto Me Agrani,
Shri Yaksharaj Kuber ॥

Hriday Me Gyan Prakash Bhar,
Kar Do Door Andher ॥

Kar Do Door Andher Ab,
Jara Karo Na Der ॥

Sharan Pada Hoon Apaki,
Daya Ki Drishti Pher ॥