Bedu Pako Baro Masa

• Garhwali

Song Details

LanguageGarhwali
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Bedu Pako Baro Masa Lyrics in Garhwali

बेडु पाको बारो मासा,
ओ नरणी काफल पाको चैत मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा,
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला

बेडु पाको बारो मासा,
ओ नरणी काफल पाको चैत मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा,
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला

भुण भुण दीन आयो
भुण भुण दीन आयो
नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला
नरण बुझ तेरी मैत मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा
बेडु पाको बारो मासा
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला

आप खांछे पन सुपारी
आप खांछे पन सुपारी
नरण मैं भि लूँ छ बीडी मेरी छैला
नरण मैं भि लूँ छ बीडी मेरी छैला
बेडु पाको बारो मासा
बेडु पाको बारो मासा
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला
ओ नरण काफल पाको चैत मेरी छैला

अल्मोडा की नंदा देवी,
नरण फुल छदुनी पात मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा
अल्मोडा की नंदा देवी,
नरण फुल छदुनी पात मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा

त्यार खुटा मा कांटो बुड्या,
नरणा मेरी खुटी पीडा मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा
त्यार खुटा मा कांटो बुड्या,
नरणा मेरी खुटी पीडा मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा

अल्मोडा को लल्ल बाजार,
नरणा लल्ल मटा की सीढी मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा
अल्मोडा को लल्ल बाजार,
नरणा लल्ल मटा की सीढी मेरी छैला,
बेडु पाको बारो मासा

Bedu Pako Baro Masa Official Video

Bedu Pako Baro Masa Official Video

Bedu Pako Baro Masa is one of the most celebrated Kumaoni folk songs of Uttarakhand, reflecting the natural beauty, traditions and cultural heritage of the Himalayan region. Associated with Mohan Upreti and Brijendra Lal Shah, the song became a beloved expression of Kumaoni identity. Its references to seasonal fruits, mountain landscapes and village life capture the emotional connection between the people of Uttarakhand and their homeland.